राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर से दो बार सांसद रह चुके सुखबीर सिंह जौनापुरिया एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। जौनापुरिया निवाई क्षेत्र के दौरे पर थे, जहां करेड़ा गांव में कंबल बांट रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों के साथ मुस्लिम महिला भी भीड़ में मौजूद थी। उसे पहले कंबल दे दिया गया और फिर नाम पूछा। जब उसने अपना नाम बताया तो पूर्व सांसद ने यह कहकर कंबल वापस ले लिया कि जो मोदी को गाली देने वाला है, उसे यहां रहने का हक ही नहीं है ,उसे चाहे भला लगे या बुरा लगे।
इस घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने विरोध जताया, तो पूर्व सांसद की गाड़ी में बैठते समय स्थानीय लोगों से तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद राजस्थान यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विक्रम चौधरी तुरंत पीड़ित परिवार के पास पहुंचे। उन्होंने न केवल परिवार को कंबल भेंट किए, बल्कि जौनापुरिया पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "अपनी ओछी मानसिकता द्वारा जिस तरीके से एक धर्म विशेष को लेकर जो अपमान किया है यह किसी व्यक्ति विशेष या धर्म विशेष का नहीं है, बल्कि पूरे टोंक जिले के हर उस व्यक्ति का अपमान है, जो स्वाभिमान रखता है।"
उन्होंने आगे कहा, "टोंक में भाईचारे की मिसाल कायम है। ऐसे में छंटनी कर कंबल नहीं देना है। आप अपने सारे कंबल ले जाओ, हमको आपका एक भी कंबल नहीं चाहिए। कंबल हम खुद भी ला सकते हैं। आपने कंबल देकर वापस ले लिया, जो अपमान किया है, उसे हम भूल नहीं सकते हैं। आप अपनी ओछी मानसिकता गुड़गांव तक सीमित रखो। यह टोंक है, यहां मत चलाओ। यह कोई राजनीति खेलने का मंच नहीं है। आप लड़ाकर वोट बांटने का काम कर रहे हैं। यह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम आपको ऐसा सबक सिखाएंगे कि आपकी पीढ़ियां याद रखेंगी। आप अपना कंबल ले जाओ, काजू कतलियां, लुगडिया बांटी है, हम पूरे क्षेत्र से भीग मांगेंगे, लेकिन लौटा देंगे।"
वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अकबर खान ने भी पूर्व सांसद जौनापुरिया से इस पूरे मामले में माफी मांगने की चेतावनी दी है। हालांकि,अब तक पूरे मामले में पूर्व सांसद जौनापुरिया की कोई सफाई नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर जबरदस्त सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है। वहीं, करेड़ा गांव में भी ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।
(रिपोर्ट- पुरूषोत्तम जोशी)
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